जमीन जिसकी, उसी का होगा मालिकाना हक

डीडीए अपने पास नहीं रखेगा लैंड पूलिंग की जमीन• वरिष्ठ संवाददाता, नई दिल्ली

डीडीए ने 22,000 हेक्टेयर जमीन पर करीब 95 लाख लोगों को आशियाना उपलब्ध कराने के लिए बनाई गई लैंड पूलिंग पॉलिसी में मामूली बदलाव किया गया है। पॉलिसी चेंज करने के बाद यह तय किया गया कि लैंड पूलिंग की जमीन का ओनरशिप डीडीए को ट्रांसफर नहीं किया जाएगा, बल्कि जमीन वास्तविक ओनर के पास ही रहेगी।

डीडीए केवल इस जमीन को डिवेलप करेगा और पॉलिसी के तहत जमीन का शेयर वास्तविक ओनर्स को दिया जाएगा। ऐसा इसलिए कि जमीन पर अतिक्रमण होने के बाद डीडीए की कोई जिम्मेदारी नहीं हो। इस संबंध में गुरुवार को निर्माण भवन में हाउसिंग एंड अर्बन अफेयर मिनिस्टर हरदीप सिंह पूरी ने मीटिंग बुलाई थी। मीटिंग में उपराज्यपाल व डीडीए के अधिकारी भी शामिल रहे।

अवैध निर्माण के चलते किया बदलाव : डीडीए के एक सीनियर अफसर का कहना है कि लैंड पूलिंग पॉलिसी के अनुसार डीडीए किसी व्यक्ति से जमीन लेकर उसे डिवेलप करेगा और पॉलिसी के हिसाब से लैंड ओनर्स को उसका निर्धारित शेयर वापस करेगा। लेकिन, अब इस नियम में बदलाव कर दिया गया है। नया नियम यह बनाया गया है कि जमीन की ओनरशिप वास्तविक ओनर के पास ही रहेगा। केवल डीडीए उस जमीन को डिवेलप करेगा। इसके बाद पॉलिसी के हिसाब से लैंड ओनर का जो शेयर होगा उसे दिया जाएगा। इससे डीडीए को फायदा यह होगा कि लैंड पूलिंग के लिए चिन्हित जमीन पर अगर अतिक्रमण होता है, तो ओनर डीडीए को इसके लिए जिम्मेदार नहीं ठहरा सकता है। इसके अलावा उस जमीन को प्रोटेक्ट करने में जो खर्च आता है, उस पर डीडीए को खर्च नहीं करना पड़ेगा।

5 जोन में सर्विस प्लानिंग के आदेश : मीटिंग के दौरान डीडीए अफसरों को आदेश दिया गया कि जिन 5 जोन में लैंड पूलिंग पॉलिसी के तहत रिहायशी मकान बनाने का प्लान किया गया है उनमें सर्विस प्लानिंग की जाए, ताकि लोगों को सुविधाएं मिलनी शुरु हो जाए।

इसके अलावा इस पॉलिसी के तहत जिन 89 गांवों को अर्बन एरिया घोषित करना है, वह काम भी पूरा किया जाए और 95 गांवों को डिवेलपमेंट एरिया डीडीए घोषित करे।

source from: http://epaper.navbharattimes.com/paper/12-13@13-22@12@2017-1001.html

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